अनुवाद

गुरुवार, 28 सितंबर 2017

इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा दिल्ली

दिनांक : 21 अगस्त 2017 

सेवा में, 
माननीय प्रधानमंत्री जी, 
भारत सरकार 
नयी दिल्ली 

विषय: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा दिल्ली ("हवाईअड्डा) पर राजभाषा हिंदी की उपेक्षा की लोक-शिकायत 


महोदय, 
भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा दिल्ली पर भारत की राजभाषा और दिल्ली प्रदेश की राजभाषा हिंदी की भारी उपेक्षा की जा रही है, जो निजी कम्पनी विमानतल का रखरखाव करती है उस कंपनी के अधिकारियों को शायद भारत सरकार और दिल्ली प्रदेश सरकार के राजभाषा अधिनियमों और इसके अधीन बने नियमों और निर्देशों का ज्ञान नहीं है इसलिए उन्हें तुरंत सुधार हेतु निर्देशित किया जाना अपेक्षित है। देशभर में निजी कंपनियों द्वारा संचालित हवाईअड्डों पर इसी तरह स्थानीय राजभाषाओं और भारत की राजभाषा हिंदी की उपेक्षा हो रही है, और अंग्रेजी को प्रधानता दी जा रही है। 

शिकायत के प्रमुख बिंदु: 
1. हवाईअड्डे के जितने भी नामपट्ट, सूचनापटल, निर्देशपटल, डिजिटल सूचना पटल पर हिंदी का प्रयोग किया गया है, वह अंग्रेजी के अक्षरों के नीचे है और हिंदी के अक्षरों का आकर अंग्रेजी के अक्षरों से छोटा और बारीक है। (प्रमाण के रूप में चित्र संलग्न हैं) 

2. हवाईअड्डे के अनेक नामपट्ट, सूचनापटल, निर्देशपटल, डिजिटल सूचना पटल पर हिंदी का प्रयोग ही नहीं किया गया है/नहीं किया जाता है।(प्रमाण के रूप में चित्र संलग्न हैं) 

3. हवाईअड्डे की वेबसाइट http://www.newdelhiairport.in/Default.aspx पर भारत की राजभाषा और दिल्ली सरकार की राजभाषा हिंदी में कोई जानकारी नहीं है और वेबसाइट केवल अंग्रेजी में है। वेबसाइट पर हिंदी का विकल्प उपलब्ध करवाया जाए। 

4. हवाईअड्डे के फेसबुक और ट्विटर @Delhi_Airport पर यात्रियों को कोई भी सूचना हिंदी में प्रदान नहीं की जाती है. यात्रियों की सुविधा के लिए सामाजिक माध्यमों पर हिंदी में नियमित अपडेट जारी किए जाएं। 

5. हवाईअड्डे के भीतर स्थित दुकानों, शोरूम, भोजनालयों के नामपट्ट/साइनबोर्ड केवल अंग्रेजी में हैं और इनके स्टाफ और हवाईअड्डे के कर्मीदल (ग्राउंड स्टाफ) के सदस्य यात्रियों से हिंदी में बात नहीं करते हैं इसलिए अंग्रेजी न जानने वाले लाखों यात्रियों को भारी परेशानी होती है। 

देश की राजधानी में देश और प्रदेश की राजभाषा का यह अपमान असहनीय तो है ही, साथ ही यात्रियों के लिए असुविधा जनक भी है।जीएमएमआर कंपनी को और अन्य सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें कि हवाईअड्डा एवं इसमें स्थित सभी दुकानों, शोरूम, भोजनालयों के शत प्रतिशत नामपट्ट, सूचनापटल, निर्देशपटल, डिजिटल सूचना पटल पर हिंदी का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए एवं हिंदी के अक्षरों को अंग्रेजी के अक्षरों के ऊपर रखा जाए तथा हिंदी-अंग्रेजी के अक्षरों का आकार और मोटाई समान हो। आगमन-प्रस्थान की सूचना देने वाले सभी डिजिटल सूचना पटलों में अनिवार्य रूप से हिंदी को सम्मिलित किया जाए। 

आशा है आप इस विषय में गंभीरतापूर्वक विचार करके शीघ्र उचित आदेश जारी कराने की कृपा करेंगे।

शीघ्र पत्रोत्तर की आशा में। 
भवदीय, 
विधि जैन

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

आपसे विनम्र प्रार्थना है इस पोस्ट को पढ़ने के बाद इस विषय पर अपने विचार लिखिए, धन्यवाद !