अनुवाद

मंगलवार, 8 अक्तूबर 2013

कानून का नहीं डर इन अधिकारियों को

प्रति,
श्रीमान निदेशक (शिकायत)
राजभाषा विभाग
गृह मंत्रालय 
नई दिल्ली

महोदय,

श्री एस. नागनाथनअवर सचिव (फिल्म) एवं केलोसूअधिसूचना एवं प्रसारण मंत्रालयनई दिल्लीद्वारा राजभाषा अधिनियम का उल्लंघन

उक्त प्रसंग में निवेदन है कि उक्त अधिकारी को मेरा आर टी आई आवेदन जो मूल रूप से फिल्म समारोह निदेशालय, सूचना प्रसारण मंत्रालय को दिनांक २५.०८.२०१३ को हिंदी में ऑनलाइन प्रेषित किया गया था. आवेदन हिन्दी में था इसलिए इसे आगे नहीं बढ़ाया गया क्योंकि आवेदन पर संबंधित केलोसूअधिकारी का पता एकदम स्पष्ट था फिर भी आवेदन लगभग ३८ दिन तक मंत्रालय में पड़ा रहा और आज ३ अक्तूबर २०१३ को उक्त अधिकारी ने इसे संबंधित अधिकारी को हस्तांतरित किया है, मेरा पत्र हिन्दी में होने के कारण अधिकारी को संबंधित अधिकारी को भी हिन्दी में लिखना चाहिए और मुझे भी सूचना हिंदी में ही दी जानी चाहिए थी किन्तु उक्त अधिकारी ने प्रार्थी के आवेदन का उत्तर अपने पत्र दिनांक ३ अक्तूबर २०१३ के माध्यम से अंग्रेजी भाषा में दिया है|  ध्यान दें कि जो पत्र-शीर्ष प्रयोग में लाया गया वह भी अंग्रेजी में ही है. चूँकि विषय सूचना के अधिकार का है अत: उन्हें निर्दिष्ट किया जाए कि उक्त उत्तर का हिंदी अनुवाद प्रार्थी को अविलम्ब भेजा जाए ताकि ३० दिन के अंदर प्रार्थी अपील का मामला होने पर प्रार्थी समय पर अपील जमा करा सके एवं भविष्य में हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में ही देना सुनिश्चित करें|
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय  को आगे यह भी निर्देशित किया जाए कि अपने मुख्यालय एवं अधीनस्थ सभी विभागों में केवल अंग्रेजी वाले पत्र-शीर्षों का प्रयोग बंद करे और सभी प्रकार के पत्राचार में द्विभाषी पत्र-शीर्ष एवं लिफाफों को प्रयोग में लाने का प्रबंध करे.
  • आगे यह भी यह भी निर्देश भेजा जाए कि मंत्रालय की वेबसाइट पर सम्पूर्ण सामग्री १००% द्विभाषी रूप में उपलब्ध करवाई जाए. अभी मंत्रालय की हिन्दी वेबसाइट को नियमित अद्यतन नहीं किया जा रहा है और नवीनतम सामग्री के टैब में दो-दो महीने पुरानी सामग्री दिखाई देती है जबकि अंग्रेजी वेबसाइट तुरंत अद्यतित की जाती है.

सादर